best dentist in ludhiana

Dentist examining patient's mouth for oral cancer symptoms at Sha Dental Clinics.

मौखिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मौखिक कैंसर से जुड़े कुछ शुरूआती संकेत और लक्षण

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दुनियाभर में मौखिक कैंसर एक गंभीर और बढ़ती चिंता का विषय बन गया है | लेकिन इस कैंसर का समय पर पता लगने से, उपचार के परिणाम में काफी सुधार हो सकता है, इसलिए इसके संभावित शुरूआती संकेतों और लक्षणों के प्रति जागरूक होना बेहद महतवपूर्ण होता है | मौखिक कैंसर गले के ऊतकों में विकसित होने वाले घातक बीमारियों को उल्लेखनीय करता  है | यह कैंसर एक व्यापक श्रेणी से संबंधित होता है, जिसे सिर और गर्दन का कैंसर भी कहा जाता है | मौखिक कैंसर से प्रभावित होने वाले मुख्य हिस्सों में पीड़ित मरीज़ के होंठ, जीभ, गाल, मुंह का ताल, कठोर और मुलायम तालु के साथ-साथ साइनस और ग्रसनी भी शामिल होते है |  मौखिक कैंसर के शीघ्र से पता करना क्यों होता है इतना महत्वपूर्ण ?  मौखिक कैंसर का समय से पता लगाने से सफल उपचार की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है और शरीर के कई हिस्सों में बीमारी के प्रसार को रोकने में मिल जाती है | इसलिए कैंसर के बढ़ने से पहले इसके शुरूआती संकेतों और लक्षणों का डेंटिस्ट के पास जाकर नियमित रूप से जांच और स्व-परिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते है | आइये जानते है मौखिक कैंसर से जुड़े कुछ शुरूआती संकेत और लक्षणों के बारे में :-  मौहिक कैंसर से जुड़े कुछ प्रारंभिक संकेत और लक्षण  अपने मौखिक और गले में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहना, आपके जीवन के लिए एक जीवन-रक्षक हो सकता है | यहाँ निम्नलिखित कुछ शुरूआती संकेत और लक्षण के बारे में वर्णन किया हुआ है :-  इसके अलावा ऐसे और भी लक्षण होते है, जैसे की आवाज़ में परिवर्तन आना, बिना किसी कारण के वजन का कम होना या फिर बिना किसी कारण के अधिक रक्तस्राव होना आदि शामिल है, जो मौखिक कैंसर से जुड़े कुछ शुरूआती संकेत और लक्षणों की तरफ इशारा करते है | इसलिए इन स्थितियों में लापवाही बिलकुल न दिखाएं और लक्षणों का पता लगते ही तुरत डेंटिस्ट के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं, ताकि जल्द से जल्द इससे होने वाले जोखिम कारक को कम करने में मदद मिल सके, क्योंकि स्थिति गंभीर होने पर यह आगे जाकर बहुत बड़ी बीमारी का कारण भी बन सकते है | यदि आप भी ऐसे ही परिस्थिति से गुजर रहे है तो इलाज में एसएचए डेंटल क्लिनिक आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ओरल और मैक्सिलोफसिस्ल सर्जरी में स्पेशलिस्ट है, जो पिछले 13 वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर रही है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही एसएचए डेंटल क्लिनिक की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |      

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Child receiving dental examination at Sha Dental Clinics.

एक्सपर्ट्स से जानें बच्चों के दांतों से स्वास्थ्य का कैसे रखें ख्याल ?  

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यदि छोटे बच्चों के दांतों का ख्याल ठीक से न रखा जाये, तो इससे जल्दी ही उनके दांतों में कीड़े लगने का खतरा बना रहता  है | जिन बच्चों की उम्र एक से तीन साल की होती है, खासकर उन बच्चों के दांतों का ख्याल रखना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि वह अपने दांतों का खुद से ख्याल नहीं रख सकते है | ऐसे में उनके माता-पिता को अपने बच्चों के दांतों के साफ़-सफाई का ध्यान रखना पड़ता है | छोटे बच्चों के ओरल हेल्थ का ख्याल आपको उनके दांत के निकलने के बाद शुरू कर देना चाहिए | दांत के निकलने से पहले उनके मसूड़े और जीभ की साफ़-सफाई पर ध्यान देना ज़रूरी होता है | ऐसा करने से बच्चों के दांत और मसूड़े दोनों ही हमेशा स्वस्थ रहते है | आइये जानते है ऐसे ही टिप्स के बारे में, जो करें छोटे बच्चे के हेल्थ को बरकरार रखने में मदद :-  जब आपके बच्चे के दांत निकलने लगे तो दिन में दो बार ब्रश ज़रूर करवाएं, सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले | ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चों के मसूड़े बेहद नाज़ुक होते है, जिन पर आसानी से कीड़े लगने का खतरा बना रहता है, इसलिए दिन में दो बार ब्रश करने की आदत को ज़रूर डलवाएं | इसके साथ ही जीभ को भी साफ़ करना बिलकुल न भूले |  जब आपके बच्चे के मुंह में 3 से 4 दांत निकल आये तो उनकी फ्लॉस करना शुरू कर दें | ऐसा करने से दांतों के बीच जमा खाना निकल जयेगा और दांतों में कीड़े भी नहीं लगेगे |  कुछ मां भी ऐसी होती है जो सोने के समय बच्चे के मुंह में दूध का बोतल लगा देती है, लेकिन उसके मुंह से दूध के बोतल को निकालना भूल जाती है, जिसके चलते बच्चों के दांत अधिक समय तक शुगर के संपर्क में रहते है. जो दांतों में कैविटी के उत्पन्न होने के अवसर बड़ा देती है | इसलिए बच्चे के मुंह में दूध की बोतल को लगा न छोड़ें और कप में दूध को पीने की आदत को डलवाएं |  एक बात का खास ध्यान रखें कि बच्चे को कभी भी बचपन से ही ब्रेड, बिस्किट्स, चॉकलेट, नूडल जैसे तैलीय फ़ूड की आदत न डलवाएं | उनके आहार को हेअल्थी रखने की कोशिश करें | अधिक चॉक्लेट खाने से यह दांतों में चिपका रह जाता है, जो कैविटी को बढ़ावा देने का कार्य करता है | बच्चों के दांतों को हेअल्थी रखने के लिए उनके आहार में विटामिन डी, सी, बीटा, कैरोटिन, कैल्शियम जैसे पौष्टिक तत्वों को शामिल करें |  बच्चों को पैसिफायर बिलकुल भी न पकड़ाएं, क्योंकि यह बार-बार नीचे गिरते रहते है और बचे ऐसे ही इससे अपने मुंह में डाल लेते है, जो ओरल हेल्थ को ख़राब करने का काम करता है | पैसिफायर रबर या फिर सिलिकॉन का बना होता है, जिसे टीथर भी कहा जाता है | एक पेरेंट्स अक्सर बच्चे के दांत निकलने के बाद उसे पकड़ा देते है, जिससे बच्चे बिना साफ़ किये अपने दांतों से चबाते रह जाते है | ऐसे में बच्चे के दांतों में कई तरह की बीमारी के लगने की संभावना बढ़ जाती है | इसलिए जब आपका बच्चा 1 साल का हो जाये तो उससे पैसिफायर देना बिलकुल बंद कर दें |     यदि यह सब करने के बाद भी आपके बच्चे के दांतों में कीड़े लग गए है तो बेहतर है की आप किसी डेंटिस्ट के पास जाएं और अपने बच्चे का इलाज करवाएं | इसके लिए आप एसएचए डेंटल क्लिनिक से भी परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ओरल और माक्सिलोफेसिअल सर्जरी में स्पेशलिस्ट है, जो पिछले 13 सालों से पीड़ित मरीज़ों का सटीकता से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही  एसएचए डेंटल क्लिनिक नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |   

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Happy cartoon tooth with toothbrush and toothpaste for dental health.

एक्सपर्ट्स से जाने दंत स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए क्या करें और क्या न करें ?  

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मौखिक स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और एक स्वस्थ मुस्कान की शुरुआत अच्छी दंत स्वच्छता से शुरू होती है | दंत स्वच्छता मौखिक स्वास्थ्य की नींव होती है, जो स्वस्थ दांतों के साथ-साथ मसूड़ों को भी स्वस्थ बनाये रखने में अपनी एहम भूमिका को निभाने का कार्य करते है | एसएचए डेंटल क्लिनिक के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ने यह बताया की कई बार लोग अपने कामों में इतना व्यस्त हो जाते  है की वह अपने सेहत के तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं दे पाते है, जिसकी वजह से उन्हें दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से सामना करना पड़ जाता है जैसे की मसूड़ों में सूजन, दाँतों में कैविटी और स्थिति गंभीर होने पर उनके दांत भी टूटने लग जाते है |  इसलिए दंत स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए रोज़ाना अच्छी आदतें को अपनाना चाहिए, जिसमें नियमित रूप से ब्रश करें, फ्लॉसिंग करें और डेंटिस्ट के पास जाकर अपने दांतों की अच्छे से जाँच-पड़ताल करना शामिल है | आइये जानते है कौन-सी अच्छी आदतें आपके दांतों के स्वच्छता को बरकरार रखने में मदद कर सकती है :-  प्रत्येक व्यक्ति को दिन में दो बार सुबह उतने के बाद और रात को सोने से पहले ब्रश ज़रूर करना चाहिए | अब अगर बात करें की सुबह और रात को ही ब्रश क्यों करना चाहिए, तो ऐसा इसलिए क्योंकि रात को सोने के समय मुंह में लार का पैदावार सबसे काम होती है, जो मुँह में मौजूद बैक्टीरिया को निकालें का काम करते है, इसलिए सुबह सबसे पहले उठकर ब्रश करना चाहिए, और अब अगर बात करें की रात को ही ब्रश क्यों करना चाहिए तो रात को भोजन खाने के बाद, इसके छोटे-छोटे कण दांतों में ही चिपके रह जाते है, जो बैक्टीरिया को बढ़ावा देने का काम करते है | इसलिए रात को सोने से पहले ब्रश ज़रूर करें |   ठीक से फ्लॉसिंग करने के लिए अपनी दोनों तर्जनी उंगलियों के बीच फ्लॉसिंग को लपेटकर, प्रत्येक दांतों के बीच दबाना चाहिए | इसकी मदद से दांतों के बीच जमा भोजन के कण को निकाल सकते है | इसलिए फ्लॉसिंग को अच्छे से दांतों के ऊपर, नीचे और अगल-बगल में स्वतंत्र से घूमाना सुनिश्चित करें |   कोई भी उपचार तब तक अपना असर नहीं दिखाता है, जब तक आप उचित और नियमित रूप से घरेलु उपचारों की पालना नहीं करते है | इसका मतलब यह है की हर भोजन के सेवन के बाद अच्छे से ब्रश और फ्लॉसिंग करनी चाहिए है, क्योंकि भोजन करने के बाद उसके छोटे-छोटे कण दांतों में जमा रह जाते है, जो बैक्टीरिया को बढ़ावा देने का कार्य करते है | इसलिए यह महत्वपूर्ण है की दिन में दो बार नियमित रूप से दांतों को ब्रश और फ्लॉसिंग करें |   प्रत्येक व्यक्ति को 2 से 3 महीने के बीच डेंटिस्ट के पास, अपने दांतों की जाँच-पड़ताल करवाने के लिए ज़रूर जाना चाहिए | ऐसा करने से जाँच-पड़ताल के दौरान दांतों में उत्पन्न समस्या का पहले ही पता लग जायेगा और समय पर ही इसका इलाज भी हो जायेगा, क्योंकि इलाज में देरी होने पर स्थिति गंभीर भी हो सकती है, जिसकी वजह से यह समस्या दांतों के टूटने का कारण भी बन सकते है |  यदि आप में से कोई भी व्यक्ति दांतों के स्वास्थ्य से जुड़ी इसी भी प्रकार की समस्या से पीड़ित है और अपना इलाज करवाना चाहता है तो इसमें एसएचए डेंटल क्लिनिक आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल पंजाब के बेहतरीन ओरल और मैक्सिलोफेसिअल सर्जन में से एक है, जो पिछले 13 वर्षो से पीड़ित मरीज़ों  का सटीकता और स्थायी रूप से इलाज कर रहे है | इसलिए परामर्श के लिए आज ही एसएचए डेंटल क्लिनिक नामक वेबसाइट पर जाएंऔर अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर सकते है |  

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Dentist examining a model of teeth for cavities and decay.

क्या दांतों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के बाद भी लग सकते है इनमें कीड़े ? जाने क्या है इसकी मुख्य वजह

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एक स्वस्थ दांत, प्रत्येक व्यक्ति के पर्सनैलिटी में अपनी अहम भूमिका को निभाने का कार्य करता है, जिससे वह व्यक्ति अपनी  खूबसूरत स्माइल को दर्शा सके, लेकिन अगर यही स्वस्थ किसी कारण वर्ष ख़राब हो जाता है तो इससे व्यक्ति की पर्सनैलिटी बदसूरत दिखने लग जाती है | दांतों से जुडी कुछ समस्याएं ऐसी होती है, जिसकी वजह से दांतों में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है | उनमें से एक समस्या है, जिसकी वजह से बच्चे और बुजुर्ग हर वर्ग के लोगों को काफी तकलीफों से गुजरना पड़ है, वह समस्या है दांतों में कीड़े का लगना | दांतों में कीड़ा लगना एक ऐसी गंभीर समस्या है, जिससे पीड़ित व्यक्ति न ही ठीक से खाना खा सकता है और न ही ठीक से अपनी नींद को पूरा कर सकता है | आइये जानते है दांतों में कीड़े लगने के प्रमुख कारण कौन-से है :-  और भी ऐसे कई समस्या है जिसकी वजह से दांतों में सड़न की समस्या उत्पन्न हो सकती है | अब अगर बात करें की क्या दांतों का ख्याल रखने के बाद भी दांतों में सड़न की समस्या उत्पन्न हो सकता है तो यदि कोई भी व्यक्ति अपने दांतों की सफाई सही तरीकों से नहीं करा रहा है, तो इससे दांतों में जमा प्लाक बैक्टीरिया को बढ़ावा देने लग जाता है जिससे यह बैक्टीरिया दांतों में सड़न की समस्या का कारण बन जाते है | इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर डेंटिस्ट के पास अपने दांतों  निरिक्षीण करवाने के लिए ज़रूर जाना चाहिए, ताकि आपके दांतों में उत्पान हो रहा समस्या का पहले ही पता लग जाये और सही समय पर निदान भी कर दिया जाये |  यदि आप भी दांतों में सड़न की समस्या से पीड़ित है और स्थायी रूप से इलाज करवाना चाहते है तो इसमें एसएचए डेंटल क्लिनीक आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ओरल और मैक्सिलोफासिअल सर्जरी में स्पेशलित है, जो पिछले 13 वर्षों से पीड़ित व्यक्तियों का सटीकता से इलाज कर रही है | इससे जुडी अधिक जानकारी के लिए एसएचए डेंटल क्लिनीक नामक वेबसाइट पर जाये और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप वेबसाइट में दिए गए नंबरों से भी संपर्क कर सकते है | 

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Dentist placing a dental crown on a patient after root canal treatment.

रूट कैनाल उपचार के बाद डेंटल क्राउन की ज़रुरत क्यों पड़ती है ?  

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एसएचए डेंटल क्लिनिक के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट एक वीडियो द्वारा डॉक्टर ज्योति मित्तल ने यह बताया कि उनके पास आए मरीज़ का सामान्य रूप से यही सवाल होता है की क्या रूट कैनाल उपचार के बाद डेंटल क्राउन का उपयोग करना ज़रूरी होता है और क्या सिर्फ फीलिंग करने से काम नहीं चल सकता ?   सबसे पहले तो जब भी एक डेंटिस्ट रूट कैनाल उपचार की प्रक्रिया करता है, तो उस दौरान सबसे पहले दांतों के अंदर की सफाई की जाती है फिर अंदर से सील कर दिया जाता है, लेकिन जो दांतों की बाहरी संरचना होती है, वह काफी कमजोर हो जाती है | जिसके वजह से भोजन को चबाने के दौरान रूट कैनाल उपचार किये गए दांत टूट भी सकता है, इसलिए रूट कैनाल उपचार के बाद डेंटल क्राउन या फिर कैप का उपयोग करना बेहद ज़रूरी होता है |  इसके अलावा दूसरा कारण यह है की कैप का उपयोग करने के से, यह आपके दांतों के सौंदर्य अपील को बरकरार रखने में भी मदद करता है, इसलिए उपचार के बाद डेंटल कैप का उपयोग करना बेहद ज़रूरी होता है | इससे जुडी अधिक जानकरी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें और इस वीडियो को पूरा देखें | इसके अलावा आप एसएचए डेंटल क्लिनिक नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है | इस चैनल पर आपको इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी |  यदि आप में से कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की दांतों से जुड़ी समस्या से गुजर रहा है, तो इलाज के लिए आप एसएचए डेंटल क्लिनिक से परामर्श कर सकते है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ओरल और मैक्सोलोफेशल सर्जरी में स्पेसलिस्ट है, जो पिछले 13 सालों से पीड़ित मरीज़ों का सटीक रूप से इलाज कर रही है |  इसलिए आज ही एसएचए डेंटल क्लिनिक नामक वेबसाइट  पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट में दिए गए नंबरों से भी संपर्क कर सकते है |             

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Smile Bright And Wide With Sha Dental Clinics' Teeth Whitening Treatment 

Smile Bright And Wide With Sha Dental Clinics’ Teeth Whitening Treatment 

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confidence. A radiant smile with crystal white teeth can light up the whole room. But people often neglect the colour of their teeth and brush off the idea of getting teeth whitening treatment. Sha Dental Clinics’ teeth whitening treatment helps you to smile with zero insecurity. We offer laser teeth whitening, which helps you brighten teeth with an enhanced appearance.  At Sha Dental Clinics, we understand the importance of having healthy and clean teeth. Healthy teeth can be maintained down the road but achieving crystal clear teeth without any external help can be difficult. With the best dentist in Ludhiana we provide safe and secure laser teeth whitening treatment with lasting results.  Choosing our teeth whitening treatment will benefit you by allowing you to get customised treatment. A high quality of work is given by keeping you as a priority. Also, our teeth whitening treatment uses laser technology and is budget-friendly. So, you don’t have to burn a hole in your pocket to have a beautiful smile. Another benefit of our treatment is that you will experience quick results that are effective and long-lasting. Our doctors even guide you all about aftercare and overall maintenance.  No matter if your tooth discoloration happens because of ageing, use of certain medications, tobacco consumption, mouth injury, etc., we are here to guide you and offer the best laser tooth whitening treatment. With us, you will be able to enjoy a satisfactory consultation process where the best dentist in Ludhiana will assess your oral health and guide you the treatment accordingly. Also, we keep in mind your budget while suggesting the whitening treatment. Plus, for long-term benefits, we suggest after care or teeth maintenance solutions. 

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इम्प्लांट समर्थित डेन्चर क्या होता है और इसे मौखिक स्वास्थ्य को कौन से लाभ हो सकते है प्राप्त ?

इम्प्लांट समर्थित डेन्चर क्या होता है और इसे मौखिक स्वास्थ्य को कौन से लाभ हो सकते है प्राप्त ?

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इम्प्लांट समर्थित डेन्चर क्या होता है और इसे मौखिक स्वास्थ्य को कौन से लाभ हो सकते है प्राप्त ? एसएचए डेंटल क्लीनिक के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में यह बताया की पारंपरिक डेन्चर के प्रतिकूल इम्प्लांट-समर्थित डेन्चर इम्प्लांट का उपयोग करने से सीधे दांत के जबड़ों से जुड़ा जा सकता है | इसके उपयोग के परिणाम स्वरूप यह आपको अधिक बोलने और सही से चबाने के लिए स्थिरता को प्रदान करता है |  इम्प्लांट समर्थित डेन्चर एक ऐसा मौखिक उपकरण है, जिसके माध्यम से एक साथ कई डेंटन को बदला जा सकता है | यह डेन्चर बिलकुल पारंपरिक डेन्चर की तरह ही होता है लेकिन यह जबड़ों के ऊपर आराम से लगने के बजाये आपके जबड़ों के साथ जुड़ जाता है | जो पारपरिक डेन्चर होते है वह कई कारणों से असुविधाजनक स्थिति उत्पन्न कर देते है, जिकसी वजह से इन डेन्चर का उपयोग करने रहे व्यक्ति को काफी मुश्किलों का समाना करना पड़ जाता है जैसे की कई बार खाना चबाते समय या फिर बोलते समय मुंह से डेन्चर फिसल बाहर को आ जाते है |  पारंपरिक डेन्चर इस्तेमाल कर रहे उन व्यक्तियों ने कई बात इस बात की शिकायत की है की कई जब वह किसी व्यक्ति से बात कर रहे होते है या भी खाना चबा रहे होते है तो यह डेन्चर उनके मुंह से बाहर की और आ जाते है और उनके लिए एक शर्मनाक स्थिति उत्पन्न कर देते है | लेकिन इस समस्या का केवल एक ही हल है वो है  इम्प्लांट समर्थित डेन्चर ओवर डेन्चर इम्प्लांट,क्योंकि यह डेन्चर आपके जबड़ों में सीधा इम्प्लांट होते है जिससे यह आपके जबडो के साथ जाकर जुड़ जाते है |  इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए दिये गए लिंक पर क्लिक कर इस वीडियो को पूरा देखें | इसके अलावा आप एसएचए डेंटल क्लीनिक नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है | इस चैनल पर आपको इस विषय संबंधित संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी |  यदि आप भी पारंपरिक डेन्चर के इस्तेमाल से असुविधाजनक स्थिति से गुजर रहे हो तो इस स्थिति में एसएचए डेंटल क्लीनिक आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था की सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर ज्योति मित्तल ओरल और मैक्सिलोफासिअल सर्जरी में स्पेशलिस्ट है और इन्हे 13 से भी अधिक वर्षों का तज़र्बा है, जो इम्प्लांट समर्थित डेन्चर का इम्प्लांट कर इस समस्या से जल्द से जल्द आपको छुटकारा दिला सकते है | इसलिए आज ही एसएचए डेंटल क्लीनिक नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट पर दिए गए नंबरो से भी संपर्क कर सकते है |        

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Young woman holding a toothbrush with a puzzled expression.

How Manual Brush And Power Brush Make Difference In Oral Health

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Dental problems occur in people of all ages, from children to older. It happens for several reasons, which include poor dietary choices, sticky products, diabetes, poor oral hygiene, smoking and many more. Poor oral hygiene contributes to multiple diseases, such as cavities,  infection, inflammation, gum disorder, tooth loss, etc. It is essential to oral hygiene to restore teeth for the long term. At SHA Dental Clinic, advanced and reliable dental equipment is available for any kind of dental problem. We provide customised services to improve your oral health.  When we consider maintaining dental health, it is essential to use proper methods and the right brushing. It helps to reduce dental problems. In this video, Dr Jyoti Mittal, a dentist at SHA Dental Clinic, will explain the Manual Brush and power brush, which are best for teeth. Manual brushes have been used in previous years and come in different types, including hard, soft, and middle bristle brushes. You should use soft bristle brushes and avoid hard bristle brushes that contribute to gum problems, such as bleeding, pain and many more. We also discuss the benefits of using manual benefits. On the other hand, a power brush has different modes, which help to enhance your brushing technique. As you will know from this video, using a power brush has several benefits as well as disadvantages. She said you must learn the right brushing technique to improve your oral health.  If you have any kind of dental problems, visit SHA Dental Clinic. 

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Close-up of a person showing healthy teeth and gums.

How Diabetes Impacts On Oral Health

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If you are a patient with diabetes, it is vital to have regular dental check-ups. Diabetes contributes to several dental problems, such as pain, cavities, plaque, tooth loss and more. Dental check-ups will help detect the problem earlier and get treatment on time if it is untreated, which contributes to dental loss.  At SHA Dental Clinic, advanced dental equipment is available to treat your dental problems. Our dentists are professionals who treat any kind of dental problems. We provide various dental services, which include root canal treatment, oral surgery, tooth whitening, dental implants and more. For any dental problem, visit us and get affordable and advanced dental treatments.  In this video, the best dentist in Punjab shares valuable information on the connection between dental problems and diabetes. Diabetes can affect the blood vessels, which can cause dental issues. Diabetes patients notice some symptoms of dental problems, such as swelling in gum, blood in gum, teeth loss, dry mouth, and more. Dry mouth can cause fungal infections. You will learn more from this video. You can prevent dental problems by following the tips mentioned in this video. For example, you should follow hygienic dental methods, eat a nutritious diet, drink enough water, avoid smoking, and regularly examine your dental health every six months. These tips help prevent dental issues and improve your dental health.  If you have any dental problems due to diabetes, you should immediately visit SHA Dental Clinic for reliable treatments.

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जाने दांतों से जुड़ी ये 5 टिप्स जो ओरल हेल्थ को रखें हाइजीन

ओरल हेल्थ को हाइजीन रखने के लिए कुल्ली है फायदेमंद, जाने दांतों से जुड़ी ये 5 टिप्स  

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मुँह को खाद्य पदार्थ के माध्यम से कई तरह के बैक्टीरिया और हज़ारों की संख्या में जर्म्स का सामना करना पड़ता है | जब हम भोजन सेवन करते है तो उसके कुछ कण आपके दांतो से जाकर चिपक जाता है या फिर मसूड़े के बीच में फंसा रह जाता है, जो बाद में दांतों और मसूड़ों में सड़न का कारण बनते है और साथ ही इससे मुँह बदबू भी आने लग जाती है | ऐसे में एक नियमित रूप से ब्रश करना और साथ ही अपने दांतों को डेटॉक्स करना बेहद आवशयक हो जाता है | आइये जानते है दांतों से जुडी 5 ऐसी टिप्स, जो ओरल हेल्थ को रखे हाईजीन :-  टिप 1. मुंह को कुल्ला करें और भरपूर मात्रा में पानी पीएं :- भोजन सेवन करने के तुरंत बाद मुंह को कुल्ला करना बेहद महत्वपूर्ण होता है | ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी हम भोजन करते है तो इसके कुछ कण हमारे दांतों के साथ चिपके रह जाते है, जिस वजह से दांतों में मौजूद बैक्टीरिया नियमित से बढ़ने लगता है, और साथ ही दांतों से जुडी कई समस्या भी उत्पन्न होने लग जाती है | कुल्ली करने से मुंह में मौजूद कण बाहर को निकल जाते है, साथ ही बैक्टीरिया का भी सफाया हो जाता   है | हमे पानी का सेवन भी भरपूर मात्रा से करना चाहिए, इससे हमारी ओरल हेल्थ हमेशा डेटॉक्स और हाईजीन रहती है |  टिप 2. नारियां तेल से कुल्ली करें :- नारियल तेल से कुल्ली करने को ऑयल पुल्लिंग भी कहा जाता है | नारियल तेल में मिक्रोबॉइल प्रॉपर्टीज जैसे तत्व मौजूद होते है, जो दांतों में प्लाक की समस्या के साथ- साथ झनझनाहट को करने में सक्षम होती है | नारियल के तेल को 15 मिनट तक के लिए माउथवॉश की तरह इस्तेमाल करें, यह मुँह में जमा बैक्टीरिया को पूरी तरह से निकाला देगा और साथ साथ ही दांतों की चमक को बरकरार रखेगा |  टिप 3. नीम तेल से कुल्ली :- नीम को आयुर्वेद को बेहद खास मन जाता है | इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक जैसे प्रॉपर्टीज दांतों के लिए दांतों के साथ-साथ चेहरे की त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद  होते है | इसके इस्तेमाल से आप दांतों और मसूड़ों की सेहत को बरकरार रख सकते है |  टिप 4. ग्रीन टी सेवन करे :- ग्रीन टी  एक रिफ्रेशिंग ड्रिंक के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद साबित है | यह दांतों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने में बेहद प्रभावी रूप से काम करता है और साथ ही साँसे में बदबू को कम करने मे भी मदद करता है |    टिप 5. टी ट्री ऑयल से करे कुल्ली :- टी ट्री एसेंशियल ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटी-फंगल जैसे एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होते है, जो नेचुरल डिसऑडरेंट और हाउसहोल्ड क्लीन्ज़र की तरह काम करते है | इसके आलावा यह त्वचा के साथ-साथ दांतों और मसूड़ों के लिए काफी फायदेमंद होता है | टी ट्री ऑयल से कुल्ली करने से दांतों में महसूस होने वाली सेंस्टिविटी को कम करने के साथ-साथ झनझनाहट जैसी समस्या से राहत दिलाने में भी मदद करता है |  यदि आप भी दांतों से जुड़ी किसी भी तरह के समस्या से गुजर रहे है और किसी भी तरह के नुस्खे से कोई राहत नहीं मिल रही है तो बेहतर है की आप डेंटिस्ट के पास जाकर अच्छे से इलाज करवाएं, ताकि आपको इस समस्या से राहत मिल सके | इसके लिए आप एसएचए डेंटल क्लीनिक से भी परामर्श कर सकते है, इस संस्था के निर्देशक डॉक्टर ज्योति मित्तल ऑर्थोडोंटोडिस्ट में स्पेशलिस्ट है |

ओरल हेल्थ को हाइजीन रखने के लिए कुल्ली है फायदेमंद, जाने दांतों से जुड़ी ये 5 टिप्स   Read More »

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